पीड़िता का आरोप है कि शिवपाल पुत्र मोहन, राजेश पुत्र अवध बिहारी एवं सर्वेश पुत्र शिवलाल उसकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। महिला का कहना है कि उसने इस संबंध में राजस्व विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी है। उसका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कथित कब्जे का प्रयास लगातार जारी है।
प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान तथा गरीब, कमजोर एवं असहाय लोगों की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की नीति को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा होती रही है। वहीं पीड़िता का कहना है कि उसके मामले में इन नीतियों का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके कारण उसे न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। हालांकि, जिन व्यक्तियों के नाम शिकायत में आरोपित किए गए हैं, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन पीड़िता की शिकायत की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करता है और क्या उसे उसकी भूमि पर वैधानिक अधिकार दिलाने में सफलता मिलती है।
